Tuesday, December 11, 2018
मूलतः उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से नगीने श्री हरिवंश राय बच्चन जी जी मशहूर कविता मधुशाला  मधुशालामृदु भावों के अंगूरों की आज बना लाया हाला,प्रियतम, अपने ही हाथों से आज पिलाऊँगा प्याला,पहले भोग लगा लूँ तेरा फिर प्रसाद जग...
कहते हैं इश्क़ में, जलाते है अंगारें,एक फूंक नाकाफी, दूर हैं सितारे|

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