सृष्टि ठाकुर के साथ एक मुलाक़ात

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सृष्टि ठाकुर , एक नाम अंग्रेजी से एम.ए. कर रही छात्रा का …… जिनकी कविताओं में आपको अलग ही मिजाज , अलग ही झलक मिलती है।

सृष्टि ने बताया की वो कवितायें सिर्फ मन की बेचैनी को मन के बाहर लाने के लिए लिखती हैं हाँ मगर उनमे ये काबिलियत है की उनकी कवितायें युवाओं के मन रुपी वीणा के तारों को छेड़कर एक नई धुन को जन्म देतीं है।
अब बात करें उनकी आज की कविता “डेट योरसेल्फ” की तो उसमें कितनी खूबसूरती के साथ उन्होंने बताया है की अगर आपके साथ कोई डेट पर जाने को नहीं है तो आप स्वयं के साथ डेट पर जाइये , कुछ ख़ास समय खुद के लिए निकालिये और स्वयं से प्रेम कर के देखिये।

सुमित -: गुड इवनिंग , मैं सुमित , क्रिएटिव कलर्स से
सृष्टि -:  गुड इवनिंग , मैं सृष्टि ठाकुर हूँ।

सुमित -: सृष्टि ठाकुर , wow  नाम तो बहुत अच्छा है आपका
सृष्टि -: जी , शुक्रिया |

सुमित -: आप अपने बारे में कुछ बतायेंगी ?

सृष्टि -: जी , मैं अभी अंग्रेजी से परास्नातक कर रही हूँ ।

सुमित -: ओह हो , तो यही है आपकी अंग्रेजी में लिखी हुई कविताओं का राज …!!!!

वैसे आपके लेखन की शुरुआत कब हुई ?


सृष्टि -: जी मैं कब और क्यों लिखना शुरू किया इस बारे में तो मुझे याद नहीं है पर हाँ मेरे लिखने का कोई निश्चित समय नहीं होता है जब मेरे मन में भावों का अतिरेक होने लगता है तो मैं उन्हें कागज़ पर उतार देती हूँ और एक नई कविता अवतरित हो जाती है।

सुमित -: अच्छा आप अपनी आज की कविता “डेट योरसेल्फ” के बारे में क्या कहना चाहेंगी ?

सृष्टि -: ये कविता मैंने उन लोगों के लिए लिखी थी जिनके पास डेट करने के लिए कोई पार्टनर नहीं है , इस कविता में मैंने ये बताने की कोशिश की है की किसी अच्छे पार्टनर को डेट के लिए इन्तजार करने की बजाय हमें स्वयं के लिए भी थोडा समय निकालना चाहिए ताकि हम स्वयं को और भली भाँति से जान सकें और अपने मन की इच्छाओं की भी पूर्ति कर सकें।

सुमित -: चलिए , बहुत – बहुत शुक्रिया , हम अगली बार आपसे एक नई और खूबसूरत कविता सुनने के इन्तजार में विदा लेते हैं।

सृष्टि -: जी , शुक्रिया , अलविदा।

धन्यवाद।

सुमित सोनी के साथ युवा साहित्यकारों से बात चित का सिलसिला जारी है 

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